कांगड़ा जिला में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच की सुविधा को लेकर चल रही समस्या का फिलहाल समाधान हो गया है। ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में ही अब तक बाध्य किए गए जिला के ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिल सकेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कांगड़ा जिला में परिवहन प्रणाली तक आरटीओ की पहुंच को छह महीने के लिए पुनः स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। यह सुविधा 28 फरवरी, 2027 तक जारी रहेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा को भेजे पत्र में यह जानकारी दी है। इससे पहले प्रदेश मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र से इस मसले को उठाया था। साथ ही सांसद ने 25 अप्रैल, 2026 को पत्र भेजकर कांगड़ा जिला में परिवहन प्रणाली की पहुंच निरस्त किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया था।

मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 62 में संशोधन के बाद पहली अप्रैल, 2025 से वाहनों की फिटनेस जांच केवल नियम 175 के तहत पंजीकृत स्वचालित परीक्षण केंद्रों में करवाना अनिवार्य किया है। जिला की भौगोलिक एवं पारिस्थितगत आवश्यकताओं और वाहन परीक्षण सेवाओं में आ रही असुविधा को देखते हुए जिला के सभी आरटीओ की पहुंच को अस्थायी रूप से छह महीने के लिए बहाल किया है। प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री व सांसद अनुराग शर्मा ने कांगड़ा की जनता से जुड़ी वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच का मामला केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया था।