नूरपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार को लेकर चल रहे संघर्ष और जनदबाव के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। रंजीत बख्शी जन कल्याण फाउंडेशन के निदेशक अकिल बक्शी द्वारा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और मदर एंड चाइल्ड अस्पताल (MCH) को शुरू करने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी गई थी। उनके इस अल्टीमेटम और लगातार उठाए जा रहे मुद्दों के बाद, अब हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए सिविल अस्पताल नूरपुर में पांच नए विशेषज्ञ चिकित्सकों (Medical Officers/Specialists) की तैनाती कर दी है।

14-09-2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना (ऑर्डर संख्या: 46295-24262/2026, फाइल संख्या: Health-A-B06/12/2023) के अनुसार, जिन पांच डॉक्टरों को नूरपुर अस्पताल में नियुक्त किया गया है, उनका विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
1. डॉ. सीमंत मल्होत्रा - मनोचिकित्सा विशेषज्ञ (MO Psychiatry)
2. डॉ. अर्चना निराला - स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (MO OBG)
3. डॉ. आरुषि - स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (MO OBG)
4. डॉ. पायल ठाकुर - बाल रोग विशेषज्ञ (MO Paediatrics)
5. डॉ. श्वेता भाटिया - बाल रोग विशेषज्ञ (MO Paediatrics)

अकिल बक्शी द्वारा अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को प्रमुखता से उठाने के बाद यह नियुक्तियां लाई गई हैं। सरकार के इस कदम से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के मिलने से मरीजों को अब इलाज के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठाए थे गंभीर सवाल
इससे पहले फाउंडेशन के निदेशक अकिल बक्शी ने प्रेसवार्ता कर स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे की पोल खोली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले उद्घाटन किए जाने के बावजूद 50 बिस्तरों वाला मदर एंड चाइल्ड अस्पताल (MCH) पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया था। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, त्वचा विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ जैसे कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली चल रहे थे, जिससे क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
अकिल बक्शी ने चेतावनी दी थी कि यदि जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे 2 अक्टूबर से सिविल अस्पताल के बाहर आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
इस अल्टीमेटम के बाद सरकार द्वारा डॉक्टरों की यह तैनाती क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकेंगी।