इस अवसर पर आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश सरकार के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और नवनिर्मित पुलिस थाना कोटला का उद्घाटन किया | उनके साथ पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे |



Frequently Asked Questions
क्या कोटला पुलिस चौकी को अब पूर्ण पुलिस थाने का दर्जा मिल गया है?
हाँ, हिमाचल प्रदेश सरकार ने कांगड़ा जिले के कोटला में स्थित दशकों पुरानी पुलिस चौकी को अब एक पूर्ण पुलिस थाने (Police Station) के रूप में अपग्रेड कर दिया है। इससे क्षेत्र की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।
कोटला पुलिस थाना बनने से स्थानीय निवासियों को क्या मुख्य लाभ होंगे?
अब स्थानीय लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने या एफआईआर (FIR) लिखवाने के लिए 30-40 किलोमीटर दूर जवाली या नूरपुर नहीं जाना पड़ेगा। अब कोटला थाने में ही पुलिस बल की संख्या अधिक होगी और मामलों की जांच तेजी से हो सकेगी।
यह अपग्रेडेशन किस विधानसभा क्षेत्र और किस नेता के प्रयासों से संभव हुआ है?
कोटला जवाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार की मांग पर जनहित में इस चौकी को थाना बनाने की आधिकारिक घोषणा की थी।
थाना बनने के बाद कोटला में पुलिस प्रशासन में क्या बदलाव आएंगे?
अपग्रेडेशन के बाद यहाँ एक समर्पित एसएचओ (SHO) की नियुक्ति होगी और अतिरिक्त पुलिस कर्मियों का कोटा स्वीकृत किया जाएगा। साथ ही, बेहतर गश्त (Patrolling) और अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
नूरपुर पुलिस जिले के तहत कोटला थाने की क्या भूमिका होगी?
नूरपुर को अलग पुलिस जिला बनाने के बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी की जा रही है। कोटला थाना इस क्षेत्र में नशाखोरी, अवैध खनन और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
